दोस्तों, उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में 30 दिसंबर 2025 को एक बेहद दुखद हादसा हो गया। सुबह के समय भिकियासैंण इलाके में एक पैसेंजर बस खाई में गिर गई, जिसमें 7 लोगों की जान चली गई और 12 से ज्यादा घायल हो गए। ये accident हिली इलाकों में होने वाली ऐसी घटनाओं का एक और उदाहरण है, जहां सड़कें तो खतरनाक हैं ही।
Incident Details (Kya Hua)
ये हादसा 30 दिसंबर 2025 को करीब 8 बजे सुबह का था। अल्मोड़ा के द्वाराहाट से नैनीताल के रामनगर जा रही बस भिकियासैंण-विनायक रोड पर, भिकियासैंण से करीब 6 किलोमीटर आगे शिलापनी के पास सड़क से फिसल गई और गहरी खाई में लुढ़क गई। बस में 17-19 यात्री सवार थे, जिसमें ड्राइवर भी शामिल था। 6 लोग स्पॉट पर ही मारे गए, एक ने अस्पताल जाते वक्त दम तोड़ा। मृतकों में 4 पुरुष और 3 महिलाएं हैं, जैसे 80 साल के गोविंद बल्लभ और उनकी पत्नी पार्वती देवी। घायलों में एक टीचर राकेश धस्माना और गांव की हेड नंदी देवी भी हैं।
Reason
उत्तराखंड जैसे पहाड़ी इलाके में road accidents आम हैं, खासकर भिकियासैंण जैसे घुमावदार रास्तों पर। इस बार cause ड्राइवर का control खोना बताया जा रहा है, लेकिन survivors के मुताबिक ब्रेक फेल हो गए थे या steering टूट गई थी। एक यात्री लक्ष्मी देवी ने कहा कि बस स्लिप हो रही थी और अचानक out of control हो गई। जांच में ये कन्फर्म होगा, लेकिन experts कहते हैं कि पुरानी buses और खराब मेंटेनेंस ऐसी tragedies का बड़ा कारण हैं। हाल ही में इसी इलाके में 14 दिनों के अंदर दूसरा बड़ा accident हुआ है, जो साफ दिखाता है कि roads की condition सुधारने की जरूरत है।
Official Statement
हादसे के बाद eyewitnesses ने बताया कि बस लगातार downhill रोल करती रही, और सब चीख रहे थे। एक survivor राकेश ने कहा, "मैंने iron pipe पकड़ ली, वरना सब खत्म हो जाता।" Police और SDRF की teams ने मुश्किल terrain में rescue किया। SSP देवेंद्र पिंचा ने कन्फर्म किया कि 7 dead और 12 injured हैं, operations जारी हैं। CM पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पर दुख जताया: "ये heart-wrenching है, departed souls को शांति मिले और families को strength।" PM नरेंद्र मोदी ने भी condolences भेजे और injured के quick recovery की कामना की।
Current Status
आज 31 दिसंबर 2025 तक, सभी घायलों को भिकियासैंण के government hospital में admit किया गया है, कुछ critical को higher centers भेजा गया। District administration ने probe order कर दी है, ताकि exact cause पता चले। Situation control में है, लेकिन families का दर्द कम कहां होगा। Future में, अगर buses की checking स्ट्रिक्ट हो और roads better बनें, तो ऐसे accidents कम हो सकते हैं। RIP to the departed, and prayers for the injured। Stay safe on these hilly roads, guys